मुख्यमंत्री ने स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एसआईआरएफ) के तहत राजकीय व अनुदानित पॉलिटेक्निक संस्थानों की रैंकिंग कराने की सराहना की है। साथ ही इसके अंतर्गत निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। ताकि सभी संस्थानों में गुणवत्ता के समान मानक सुनिश्चित हो सकें। बता दें कि प्रदेश में 1948 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्राविधिक व व्यावसायिक शिक्षा में नवाचारों को शामिल करने व व्यवहारिक प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति से कोई भी छात्र वंचित न रहे, संस्थान इसकी व्यवस्था करें। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए सभी प्राविधिक संस्थान नैक, एनबीए व एनआईआरएफ मूल्यांकन में शामिल हो। किंतु आवेदन से पहले पूरी तैयारी जरूर करें।कार्य पर नजर रखें। आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, बारिश आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने – की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें। घायलों का समुचित उपचार कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने जलजमाव की स्थिति होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराने को भी कहा। बता दें कि बृहस्पतिवार को गोरखपुर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने की वजह से फसलों को खासा नुकसान हुआ था, जिसका संज्ञान लेते हुए योगी ने तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है।
