अयोध्या। परमसत्ता रामलला के जन्म का उत्सव उत्साह, उल्लास की सीमाओं को पार कर गया। रविवार को दोपहर 12 बजे रामजन्म के साथ ही भगवान भास्कर की किरणों ने चार मिनट तक सूर्यवंश के सूर्य का तिलक किया। अध्यात्म व विज्ञान के इस उत्सव के साक्षी दुनियाभर के लोग बने। अयोध्या श्रद्धालुओं की आस्था, मंदिर के अद्भुत दृश्य से आह्लादित रही।
1200 करोड़ के भव्य महल में सुबह 9:30 बजे से रामलला के अभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ। पहले पंचामृत फिर दिव्य औषधियों से युक्त स्वर्ण कलश से अभिषेक हुआ। इसके बाद सरयू के जल से रामलला को स्नान कराया गया। अभिषेक के बाद रामलला के श्रृंगार की प्रक्रिया शुरू हुई।
भजन-स्तुति के बीच घड़ी की सुइयों ने 12 बजने का संकेत दिया। पुजारी ने पर्दा खोला तो भक्तों ने भये प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी… की स्तुति शुरू कर दी। पूजन के साथ ही सूर्य रश्मियों ने रामलला का तिलक किया। राम मंदिर में नवमी तिथि पर हुए अनुष्ठान में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र “न्य यजमान के रूप में शामिल रहे।
