दुबई लक्ष्य का पीछा करने के उस्ताद किंग कोहली का जादू चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जमकर बोला। यह प्लेयर ऑफ द मैच विराट के 74वें वनडे अर्धशतक के दौरान उनका धैर्य और अनुभव था, जिसने ऑस्ट्रेलिया पर 11 गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई। विराट की पारी ने देश को लगातार तीसरी और कुल पांचवीं बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश दिलाया।
उनके 98 गेंद में पांच चौकों की मदद से बनाए गए 84 रन ने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में कभी जीत का दावेदार नहीं बनने दिया। पिछले कुछ समय से स्पिनरों के खिलाफ परेशान रहने वाले विराट ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों के खिलाफ अपनी पुरानी रंगत दिखाते हुए लगातार छोर बदले और उनकी स्पिन की धार कुंद कर दी। इससे पहले मोहम्मद शमी (3/48), वरुण चक्रवर्ती (2/49) और रविंद्र जडेजा (2/40) की गेंदबाजी ने एक समय तीन सौ रन की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलिया को 49.3 ओवर में 264 रन पर समेट दिया। बल्लेबाजों ने 48.1 ओवर में छह विकेट पर 267 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई। भारत को राहुल के छक्के से जीत मिली।
विराट-श्रेयस ने जोड़े 91 रन : 265
रन का पीछा करते हुए रोहित ने चौका और छक्का लगाया, लेकिन इस दौरान उनके दो कैच भी छूटे। ड्वारशुइस ने शुभमन गिल (8) को बोल्ड कर पहला झटका दिया। रोहित ने 29 गेंद में तीन चौकों और छक्के की मदद से तेज 28 रन जरूर बनाए, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर कोनोली के पहले ही ओवर में पगबाधा आउट हो गए।
