वायु प्रदूषण में अाई कमी फिर भी लगेगी रोक ई-रिक्शा के संचालन से वायु प्रदूषण में भले ही कमी आई हो लेकिन प्रयागराज शहर में इनकी बढ़ी तादात से लोगों को परेशानी भी हो रही है। ई-रिक्शा से शहर में जगह-जगह जाम लग रहा है। चौराहों पर यह बेतरतीब खड़े हो रहे हैं। इसमें अधिकतर बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे हैं। इसके अलावा कई जगह चोरी की बिजली से यह रिचार्ज किए जा रहे हैं। इस लिए इनके चालकों पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है।

आयुक्त कार्यालय में हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में यह मुख्य मुद्दा रहा। कमिश्नर संजय गोयल ने कहा कि ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या यातायात में बाधक न बने, इसके लिए कार्ययोजना बनाया जाए। कहा कि इसके संचालन का रूट तय करें और रजिस्टर्ड ई-रिक्शा को ही चलने की अनुमति दें। इनकी संख्या का निर्धारण हो, जिससे यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
कमिश्नर ने एडीएम सिटी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। कहा कि उक्त बिंदुओं शामिल करते हुए जांच रिपोर्ट दो महीने में पेश करें। इस समिति में पुलिस अधीक्षक यातायात, उप नगर आयुक्त एवं अपर आयुक्त प्रशासन भी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि गैर पंजीकृत ई-रिक्शों का संचालन रोके, ग्रामीण क्षेत्रों में नए सीएनजी वाहनों को परमिट देने और ओवरलोड चलने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
कमिश्नर ने परिवहन विभाग से इलेक्ट्रिक बसों की शासन से शीघ्र मांग करने के लिए कहा। प्रयागराज में तीन खेप में कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें आनी हैं। पहली खेप में 50 बसें आएंगी। कहा कि अगले छह महीने में इलेक्ट्रिक बसें मंगवा लें और उसके बाद डीजल चलित सिटी बसें का संचालन बंद करें।
Samiksha
