प्रयागराज। रंगभरी एकादशी पर सोमवार को भक्त और भगवान दोनों एक रंग में रंग गए। होली के साथ ही प्रेम का भी रंग खूब गाढ़ा हुआ। नग्र देवता के साथ संगमनगरी के लोगों ने फूलों से अनूठी होली खेली। मंदिर परिसर फूलों की पंखुड़ियों के साथ ही गुलाल से लाल हो गया।
इसी के साथ पांच दिवसीय रंगोत्सव की भी शुरुआत हो गई। नगर देवता भगवान वेणी माधव के साथ भक्त. फूलों की होली देर रात तक खेलते रहे। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भक्तों ने भगवान विष्णु के साथ शिव जी और माता पार्वती की रंगों से पूजा की।
आंवले के पेड़ की भी पूजा की गई। महंत महामंडलेश्वर वैभव गिरि ने बताया कि जो भक्त इस दिन आंवले की पूजा करते हैं, उन्हें धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
इस मौके को संगीतमय बनाने के
लिए भी मुहल्ले के लोग इस रंगोत्सव का हिस्सा बने हुए थे। नगर देवता वेणी माधव को फूलो-पंखुड़ियों को अर्पित करने का साथ ही संगमनगरी में रंगोत्सव पर्व
