प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को बड़ा तोहफा मिला है। 15 लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। लाभसरकारी और निजी अस्पताल दोनों में मिलेगा। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ साचीज से जुड़े निजी अस्पतालों में भी मिलेगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय मानकों के अनुसार होंगी। इस फैसले के तहत लगभग 448 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों व परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित एवं स्ववित्त पोषित) में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत वार्डन पूर्ण कालिक, अंशकालिक शिक्षकों व पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों और उनके आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा।
शिक्षक दिवस पर सीएम ने की थी घोषणा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों. शिक्षामित्रों, अनुदेशकों वे रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा को भी। इस पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके बाद जल्द ही इसका शासनादेश जारी होगा और योजना को प्रभावी बनाया जाएगा।
