पांच दिनों बाद भी सामूहिक दुष्कर्म के तीनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है. पीड़ित महिला अनुसूचित जाति के होने और आरोपियों के दूसरे समुदाय के होने के चलते इलाके में तनाव व्याप्त है. जबकि पीड़ित महिला भी दहशत में है. हालांकि पुलिस कई टीमें लगाकर आरोपियों की तलाश कर रही है लेकिन तकनीकी सहारे के बाद भी पुलिस का खाली हांथ होना उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर कथा है. करीब पांच दिन पूर्व मऊआइमाके एक गांव की एक अनुसूचित जाति की विधवा महिला को आधार कार्ड के साथ जमखुरी गांव के प्रधान पुत्र महबूब आलम और महताब आलम ने. अपने कार्यालय बुलवाया था. आरोपियों ने उसे सरकारी आवास व विधवा पेंशन के बहाने से बुलाया था. महिला का आरोप है कि कार्यालय पर – मौजूद महताब और महबूब के साथ एक अन्य युवक ने बारी बारी से उसके -साथ दुष्कर्म किया है. महिला की – तहरीर पर पुलिस ने सभी के खिलाफ – गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.
