गोरखपुर/लखनऊ।शहर के बिछिया इलाका स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहीं 2023 बैच की 598 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों (महिला रिक्रूट) ने बुधवार सुबह सात बजे अव्यवस्थाओं के विरोध में जमकर हंगामा किया। पीएसी गेट पर पहुंचीं प्रशिक्षु नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गई। वे खराब भोजन, पानी की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के अलावा आरटीसी के प्रभारी संजय राय पर
अभद्रता का आरोप लगा रही थीं। प्रदर्शन के दौरान छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस मामले में सेना नायक आनंद कुमार और प्लाटून कमांडर संजय राय को निलंबित कर दिया गया है। वहीं गोरखपुर पीटीएस के डीआईजी एवं प्रधानाचार्य रोहन पी. कनय को प्रतीक्षारत किया गया है। शासन ने गोरखपुर और मेरठ में महिला अधिकारियों को तैनात किया है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के बिछिया स्थित 26 वीं वाहिनी पीएसी कैंपस में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय हैं। इसमें 2023 बैच की उत्तर प्रदेश नागरिक पुलिस की विभिन्न जनपदों की 598 महिलाएं सोमवार से ट्रेनिंग कर रही हैं। बुधवार सुबह करीब छह बजे बैरक से निकलने के बाद महिला प्रशिक्षु परिसर स्थित कमांडेंट कार्यालय के सामने एकत्र हो गईं उनका आरोप था कि बाथरूम गंदगी से बजबजा रहा है, जहां स्नान करना संभव नहीं है। दो दिनों से उन्हें साफ पानी नहीं मिल रहा। शिकायत करने पर आरटीसी प्रभारी संजय राय होने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। भोजन की व्यवस्था पर गाली देने के साथ ही धमकी दे रहे हैं। बाथरूम के पास सीसीटीवी कैमरा भी सवाल उठाते हुए कहा कि सुबह आठ बजे के बाद रात में आठ बजे ही कुछ खाने को मिलता है। एक कमरे में 30 प्रशिक्षुओं को रोका गया है। कमरे में मात्र एक पंखा व एक कूलर है। टीनशेड के नीचे सोने की वजह से उनकी हालत खराब है। नहाने के लिए टोटियां भी कम हैं। खुले में नहाना पड़ता है।
वहां किसी ने शिकायत पर गंभीरता नहीं दिखाई तो सभी प्रशिक्षु सुबह सात बजे पीएसी के मुख्य गेट पर आकर सड़क पर धरने पर बैठ गईं। विरोध प्रदर्शन के दौरान तेज धूप व गर्मी की वजह से प्रशिक्षु मुस्कान, स्वाति, ऋचा दीक्षित, आरुषि व कोमल राय बेहोश होकर गिर पड़ीं। आनन-फानन उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। परिसर से बाहर निकलीं महिला प्रशिक्षु अफसरों पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की चेतावनी देने लगीं।
मामले की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को मिली तो एसएसपी राजकरण नैय्यर मौके पर पहुंचे। पीएसी कमांडेंट समेत कई अन्य प्रशिक्षण विद्यालय के अफसर भी महिला प्रशिक्षुओं को समझाने लगे। बात नहीं बनी तो पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सुबह 11 बजे पहुंचे पीएसी कमांडेंट आनंद कुमार, सीओ दीपाली राठौर ने महिला प्रशिक्षुओं को सभी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान कराने की बात कहकर शांत कराया। इसके बाद धीरे-धीरे महिला प्रशिक्षु शांत होकर बैरक में लौट गईं।
