मैनचेस्टर। पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नए चुनौती है। इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से यहां ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट क्रिकेट मैच में शुभमन गिल की टीम श्रृंखला में वापसी करने के इरादे से उतरेगी। भारत ने मैनचेस्टर में अपना पहला टेस्ट 1936 में विजयनगरम के महाराजा की कप्तानी में खेला था। भारत को 89 वर्ष में इस मैदान में अपनी पहली जीत का इंतजार है।
इंग्लैंड श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। अगर टीम को हार का सामना करना पड़ा तो वह 18 साल में इंग्लैंड की धरती पर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय टीम बनने का अवसर गंवा देगी। पिछली सीरीज 2007 में जीती थी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत की अंतिम एकादश में जडेजा, सुंदर और नीतीश के रूप में तीन ऑलराउंडर थे और बल्लेबाजी में खासी गहराई थी। चोटिल नीतीश श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। मैनचेस्टर में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।
