भारत ने शुक्रवार को उड़ीसा के चांदीपुर की एकीकृत परीक्षण रेंज से परमाणु सक्षम अग्नि-3 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि यह मिसाइल अपने सभी परिचालन व तकनीकी मानकों पर खरी उतरी। सामरिक बल कमान की अगुवाई में किए गए इस सफल परीक्षण ने मिसाइल की विश्वसनीयता और तकनीकी परिपक्वता फिर से प्रमाणित की है।
अग्नि-3 पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के आयुध ले जा सकती है। में अग्नि-3 मिसाइल 3,000 से 3,500 ने किलोमीटर दूर तक मार करने में सक्षम है। अपनी सटीकता के कारण यह दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एक अग्नि-3 लगभग 1.5 टन के परमाणु हथियारों को ले जा सकती है।
यह मिसाइल ध्वनि की गति से लगभग 15 गुना तेजी से आगे बढ़ती है। इसके कारण दुश्मन के रडार और मिसाइल डिफेंस प्रणालियों के लिए इसे समय रहते ट्रैक करना और बीच रास्ते में नष्ट करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
सामरिक बल कमान : सामरिक बल कमान या स्ट्रैटीजिक फोर्सेज कमान वह खास कमान है, जिसके पास देश के परमाणु हथियारों को संभालने और चलाने की जिम्मेदारी होती है। इसकी स्थापना साल 2003 में देश के परमाणु हथियारों के देखरेख और प्रशासन के लिए की गई थी। आसान शब्दों में यह देश की परमाणु रक्षक टीम है। इसका मुख्य काम यह सुनिश्चित करना है कि भारत की परमाणु मिसाइलें जरूरत पड़ने पर तुरंत एक्शन के लिए तैयार रहें।
