प्रयागराज। कुन्नों के उत्पात से राहत के लिए नगर निगम की ओर से बड़े स्तर पर अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। आने वाले दिनों में रोजाना 175 कुत्तों से अधिक कुत्तों के नसबंदी की तैयारी है। इसके लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की क्षमता तीन गुना तक बढ़ाई जाएगी। नगर निगम सदन की आगामी बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा।
कुत्तों की नसबंदी के लिए दो साल से अभियान चलाया जा रहा है और एक करोड़ से अधिक राशि खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद कुत्तों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती ही गई। इसे देखते हुए पहले एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की क्षमता दोगुनी की गई है। अब रोजाना 50 से 60 कुत्तों की नसबंदी की जा सकती है।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा का कहना है कि हर महीने 5000 हजार कत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नए और पुराने दोनों सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा नव निर्मित सेंटर का विस्तार किया जाएगा या फिर नए स्थान पर सेंटर बनाया जाएगा। पशुधन अधिकारी विजय अमृतराज का कहना है कि रोजाना 175 से अधिक कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है।सुप्रीम कोर्ट के
आदेश के बाद खूंखार एवं रेबीज को लेकर संवेदनशील कुत्तों के लिए शेल्टर होम की क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ में नए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। पशुधन अधिकारी का कहना है कि सामान्य कुत्तों को नसेबंदी एवं टीकाकरण के बाद तीन-चार दिनों तक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रखा जाता है। इसके बाद उन्हें जहां से उठाया जाता है वहीं छोड़ दिया जाता है।कुत्तों को खाना खिलाने के लिए स्थान चिह्नित किए जाएंगे। पशुधन अधिकारी का कहना है कि घर के पास एक दो कुत्तों को रोटी खिलाने वालों पर कोर्ड रोक नहीं है। लोग पहले की तरह ही कुत्तों को रोटी आदि खिला सकेंगे लेकिन अब समूह में कुत्तों को सार्वजनिक स्थलों पर खाना नहीं खिला सकेंगे। इसके लिए 25 अगस्त को दोपहर दो बजे बैठक होगी।
