दुबई। यह भारतीय स्पिनरों कुलदीप यादव (2/40), वरुण चक्रवर्ती (2/45) और रविंद्र जडेजा (1/30) की जादुई गेंदबाजी और रोहित शर्मा (76) की कप्तानी की पारी रही जिसने न्यूजीलैंड पर फाइनल में छह गेंद शेष रहते भारत को चार विकेट से खिताबी जीत दिलाई। रोहित के आउट होने के बाद टीम जब मुश्किल में दिखाई दी तो श्रेयस अय्यर (48), अक्षर पटेल (29), केएल राहुल (34*) और हार्दिक पंड्या (18) के सामूहिक प्रयास ने भारतीय खिताबी जीत की इबारत लिखी। इससे पहले यह भारतीय स्पिनरों का वर्चस्व रहा, जिसने न्यूजीलैंड को सात विकेट पर 251 रन से आगे नहीं बढ़ने दिया। इस जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड से वर्ष 2000 के फाइनल में मिली हार का बदला भी ले लिया। रोहित की टीम ने उस न्यूजीलैंड की टीम को हराया, जिसने बीते वर्ष भारतीय टीम का उसी के घर में टेस्ट सीरीज में सफाया किया था और पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के लिए मुसीबत बनी हुई थी।
रोहित-विराट गले लगे, गावस्कर नाचे : जडेजा ने 49वें ओवर की अंतिम गेंद पर जैसे ही विजयी चौका लगाया भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। विराट, रोहित और गौतम गंभीर गले जा लगे। हर्षित, अर्शदीप और जडेजा ने 2013 की खिताबी जीत के बाद गैंगनम डांस को एक बार फिर मैदान पर दोहराया। भारतीय टीम को जब ट्रॉफी मिली तो मैदान पर मौजूद सुनील गावस्कर भी नाचने लगे। रोहित शर्मा मेडल को पकड़कर चूमते जा रहे थे। वह चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर पिच पर बैठ गए
