लंदन/दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी)। ब्रिटेन, फ्रांस और कई टा यूरोपीय देशों सहित 25 राष्ट्रों ने संयुक्त बयान जारी कर गाजा युद्ध को तुरंत समाप्त करने की मांग की है। दूसरी ओर, इस्राइली सेना ने सोमवार को पहली बार गाजा के मध्यवर्ती शहर दीर अल-बलाह में प्रवेश किया।
21 महीने के युद्ध में अब तक यह शहर बड़े युद्धक विनाश से बचा हुआ था। 25 देशों की ओर से संयुक्त बयान में गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला दिया गया है। इसमें 800 से अधिक फलस्तीनियों की मौत को भयावह बताया गया। वे भोजन-पानी की तलाश में थे। उन्होंने अमेरिका समर्थित संगठन गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन के माध्यम से भेजे जा रहे भोजन वितरण के दौरान इस्राइली सैनिकों की गोलीबारी में सैकड़ों फलस्तीनियों के मारे जाने की भी निंदा की गई। इस बयान पर यूरोप के 20 देशों के साथ कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रियों ने भी हस्ताक्षर किए,जबकि अमेरिका और जर्मनी इस सूची में शामिल नहीं है।
गौरतलब है कि गाजा की 20 लाख से ज्यादा फलस्तीनी आबादी भयावह मानवीय संकट से जूझ रही है। अब वे मुख्यतः उस क्षेत्र में आने वाली सीमित मानवीय सहायता पर निर्भर हैं। यहां पर तमाम लोग कई बार विस्थापित हो चुके हैं। गाजा में जारी लड़ाई ने क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी संघर्षों को जन्म दिया है। इसमें इस्राइल और यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष भी शामिल है।
