नई दिल्ली। देश में आने वाले समय में छोटी-सस्ती जीवन बीमा पॉलिसिया बंद हो सकती हैं। इसका खामियाजा जीवन बीमाधारकों को भुगतना पड़ सकता है और उन्हें ज्यादा प्रीमियम भरने के लिए तैयार रहना चाहिए।दरअसल, अपना मार्जिन बढ़ाने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ समेत तमाम कंपनियां जीवन बीमा पॉलिसियों का न्यूनतम एवं औसत मूल्य बढ़ा रही हैं। कंपनियां यह कदम बीमा पॉलिसी की निरंतरता में सुधार लाने और पॉलिसी लैप्स होने की आशंका को कम करने के लिए उठा रही हैं। इसका मतलब है कि पॉलिसीधारक अपनी बीमा पॉलिसी को मैच्योरिटी से पहले बंद नहीं करेगा।
इसका असर यह होगा कि बाजार से छोटी और सस्ती जीवन बीमा पॉलिसियां धीरे-धीरे बाहर हो जाएंगी और ज्यादा प्रीमियम वाली पॉलिसियों का चलन शुरू हो जाएगा।बीमा कंपनियों का कहना है कि कम मूल्य वाली पॉलिसियों के जल्द बंद होने की आशंका अधिक रहती है। पॉलिसी का आकार बड़ा होने से ग्राहक उसे आसानी से नहीं तोड़ेंगे और चलाते रखेंगे। इससे कंपनियों का मार्जिन भी बेहतर होगा। वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में एलआईसी की पॉलिसी का औसत मूल्य आकार एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 23 फीसदी उत्पादों की संरचना में बदलाव किया है। कंपनी ने अपने बीमा किसी पॉलिसी की प्रीमियम राशि बीमाधारक की उम्र पर निर्भर करती है। न्यूनतम बीमा राशि बढ़ने से बीमाकर्ताओं को नई पॉलिसी के लिए अधिक प्रीमियम चुकाना होगा। दूसरी ओर, बीमा कंपनियों और एजेंट को कमीशन से होने वाली कमाई बढ़ेगी। पॉलिसी जितनी बड़ी होती है, बीमा कंपनी और एजेंट के लिए, मार्जिन उतने ही अच्छे होते हैं।
