लखनऊ।योगी मुख्यमंत्री आदित्यधि ने कहा कि पहले जहां योजनाएं सुदूर इलाकों तक नहीं पहुंच पती थीं, आज वहां के लोग नौकरी श रहे हैं। विशेष रूप से धारू जबजाति’ और सुदूर क्षेत्रों की बेटियों का चयन इस निष्पक्ष प्रक्रिया का जोव्रत उदाहरण है। मुख्यमंत्री बुधवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 2425 मुख्य सेविकाओं और 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं था बल्कि बेईमान राजनीतिक दलों ने इसे बीमार बना दिया था। भ्रष्टाचार की राजनीति ने इस समृद्ध प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले नियुक्तियों में बंदरबांट होती थी और योग्य अभ्यर्थी भेदभाव के शिकार होते थे।
सीएम ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सवाल खड़े करते हुए कहा किआजादी के बाद 1960 तक यूपी देश का अग्रणी प्रदेश था, जिसका अर्थव्यवस्था में योगदान 14% सेअधिक था। 2017 तक यूपी का योगदान 8% से भी कम हो गया। यह दंगों और परिवारवादी राजनीति
