नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दलों का गठन किया है। ये दल मौके पर जाकर स्थिति और राज्य सरकार के राहत कार्यों का आकलन करेंगे। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है।
गृह मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय दल अगले सप्ताह की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बाढ़/भूस्खलन प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। ये जिले मौजूदा मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से बुरी प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में पहले ही एक केंद्रीय दल और एक बहु-क्षेत्रीय दल दौरा कर चुका है। इन केंद्रीय दलों का नेतृत्व गृह मंत्रालय/राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। दलों में व्यय, कृषि और किसान कल्याण, जल शक्ति, ऊर्जा, सड़क परिवहन, ग्रामीण विकास मंत्रालयों व विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र ने 24 राज्यों को एसडीआरएफ मद में 10,499 करोड़, 12 राज्यों को एनडीआरएफ से 1,989 करोड़, 20 राज्यों को राज्य आपदा शमन निधि से 3,275 करोड़ और नौ राज्यों को राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से372.09 करोड़ रुपये जारी किए हैं। गृह मंत्री अमित शाह के अगस्त, 2019 में लिए निर्णय के अनुसार, गृह मंत्रालय आपदा के तुरंत बाद अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दलों का गठन करता है, ताकि नुकसान का आकलन कर वितीय मदद की जा सके।गृह मंत्रालय आपदा प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के संपर्क में हैं और जरूरी लॉजिस्टिक सहायता दें रहा है। इसमें राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ), सेना और वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की तैनाती शामिल है। ये खोज व बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की बहाली में सहायता कर रहे हैं।
