खेल विज्ञान की दुनिया में एक सवाल लगातार गूंज रहा है आखिर महिला एथलीट ऐसीएल यानी एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की चोट का शिकार पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक क्यों होती हैं?
उपलब्ध शोध बताते हैं कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अपने के पीछे के कारणों पर अब भी सीमित सकती हैं। हालांकि, इस गंभीर अंतर एसीएल को फाड़ने के मामले में आठ गुना तक अधिक जोखिम में हो सकती है । हालांकि इस गंभीर अंतर के पीछ के कारणों पर अब भी सामित शोध हुआ है और विशेषज्ञ यह भी जांच रहे हैं कि क्या एसीएल चोट और मासिक धर्म चक्र के बीच कोई संबंध है। नेशनल ज्योग्राफिक के अनुसार एसीएल घुटने का एक महत्वपूर्ण लिगामेंट है, जो जांघ की हड्डी को पिंडली की हड्डी से जोड़ता है और घुटने को स्थिरता प्रदान करता है। फुटबॉल, बास्केटबॉल, स्कीइंग व जिम्नास्टिक्स जैसे खेलों में अचानक दिशा बदलने, कूदने या तेजी से रुकने के दौरान इस लिगामेंट पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
आंकड़े बताते हैं कि महिला खिलाड़ियों में एसीएल फटने की घटनाएं पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक दर्ज की जाती हैं। कुछ अध्ययनों में यह अंतर आठ गुना तक बताया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंतर के पीछे कई जैविक और शारीरिक कारण हो सकते हैं। महिलाओं और पुरुषों की शारीरिक संरचना में अंतर, जैसे कूल्हों की चौड़ाई, घुटने के कोण और मांसपेशियों की मजबूती, एसीएल पर पड़ने वाले दबाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव भी एक संभावित कारक माने जाते हैं ।
