जी-7 में पीएम मोदी ने कहा है कि वैश्विक शांति एवं समृद्धि के लिए हमारी सोच व नीति स्पष्ट होनी चाहिए. यदि कोई भी देश आतंकवाद का समर्थन करता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी.
आतंकवाद पर दोहरे मानदंड का कोई स्थान नहीं होना चाहिए.मोदी ने अमेरिका एवं पश्चिमी देशों की तरफ इशारा किया कि कुछ मामलों में मनमर्जी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया जाता है, लेकिन कुछ देश खुलेआम आतंकवाद का समर्थन करते हैं तो उन्हें पुरस्कृत किया जाता है.
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के कुछ ही घंटे बाद वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीच मुलाकात निर्धारित थी. प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच से इस बात के फिर संकेत दिए कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद को समर्थन बंद नहीं किया तो भारत आपरेशन सिंदूर जैसा कदम फिर उठा सकता है.
