परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की 2011 शिक्षक भर्ती के अचयानित अभ्यर्थी की सुध कोई नहीं ले रहा है ।
जबकि अभ्यर्थी लगातार अपनी नियुक्ति की मांगों को लेकर वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से नियुक्ति की मांग कर रहे हैं ।सरकार की तरफ से कोई सुनवाई न होने पर अब अभ्यर्थी ट्विटर के माध्यम से गुहार लगा रहे हैं ।इसके पहले भी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस 5 जून को भी छठे नंबर पर ट्विटर ट्रेड कराया गया था ।
अचयनित अभ्यर्थी द्वारा ट्वीट मुहिम में प्रदेश सरकार को यह याद दिलाने की कोशिश की जा रही है कि 72825 शिक्षक भर्ती 2011 विज्ञापन पर 290 करोड़ फीस जमा होने के साथ-साथ कोर्ट से भर्ती के लिए लिबर्टी भी मिली हुई है ।सूत्रों की मानें तो भाजपा के लोग जब विपक्ष में थे तो उनका कहना था कि हमारी सरकार आएगी तो तुरंत आपको नियुक्ति दी जाएगी, परंतु 5 साल पूरे होने को है, लेकिन इन अभ्यर्थियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है ।कुछ अभ्यर्थी तो ऐसे भी हैं ।जो अपनी आयु सीमा को लेकर भी चिंतित है क्योंकि विज्ञापन और अनावश्यक भर्ती प्रक्रिया के राजनीतिक खेल में वह पिस रहे हैं ।अभ्यर्थियों का कहना है कि हम कहां और किसके पास जाएं। गौरतलब है कि इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत से अभी तक अभ्यर्थी ठगे गए हैं ।चाहे वह पूर्व सरकार हो या वर्तमान की। सरकार ने कई आंदोलनों के पश्चात भी कार्यवाही नहीं की।
अब निराश अभ्यर्थी सोशल मीडिया के माध्यम से नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों का डाटा एकत्र कर अभियान को सफल बनाने हेतु टि्वटर ट्रेंड के लिए “भाजपा के वादे “सिलेक्ट किए गए हैं ।वर्तमान में भी सरकार के पास 70 हजार से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं परंतु प्रथम शिक्षक पात्रता विज्ञापन 2011 के चयनित अभ्यर्थियों की सुध लिए बिना सरकार 68500 शिक्षक भर्ती विज्ञापन की काउंसलिंग की तैयारी करने जा रही है ।जिसका कि वह आदेश जारी कर चुकी है।
प्रिया श्रीवास्तव
