सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर आरोप लगाया कि गरीबों, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ हर स्तर पर भेदभाव हो रहा है। गरीबों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभनहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि समाजवादी सरकार में जिस तरह फोन करने पर एम्बुलेंस और पुलिस आती थी, उसी तरह वर्ष 2027 में सपा सरकार बनने पर अधिकारी जनता के पास सुनवाई करेगा।शुक्रवार को सपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश ने कहा कि सपा और इंडिया गठबंधन ने जब से भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का अंत किया है, तब से – | घबराई हुई है। भाजपा अपने कट्टर समर्थकों का समर्थन बनाए रखने के लिए नफरत की राजनीति कर रही है। उसी के तहत भाजपा सरकार मदरसों के खिलाफ कार्रवाई कर ही है और वक्फ संशोधन कानून लायी है। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण भाजपा के लोगों ने किया है। सबसे ज्यादा अवैध घर भाजपा के लोगों के है। जनता बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर भाजपा से सवाल पूछ रही है। भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति खत्म हो रही है। दावा किया कि विधानसभा चुनाव 2027 में पीडीए भाजपा को हवा में उड़ा देगा।
सपा प्रमुख ने कहा कि जातीय जनगणना की मांग को लेकर समाजवादियों ने बहुत लम्बी लड़ाई लड़ी है। जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। अभी आगे की लड़ाई भी बहुत लंबी है। इससे आगे निजी क्षेत्र और संस्थाओं में आरक्षण की मांग होगी। केंद्र सरकार पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से जातीय जनगणना कराए, जिससे सभी अगड़े सामने आएं ।
