प्रतापगढ़। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज, आंवला और रसमलाई से प्रतापगढ़ को जाना जाता है जबकि विपक्षी सरकारों ने एक जनपद एक माफिया दिया। इसके बदले डबल इंजन सरकार ने एक जनपद एक उत्पाद पर काम किया। इसका नतीजा है कि प्रतापगढ़ के आंवले को आज देश ही नहीं विदेशों में भी पहचान मिली।इससे पहले उन्होंने प्रतापगढ़ और कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र को 570 करोड़ की 186 परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही पीएम और सीएम आवास जुड़े लोगों को चाबियां और स्वयं सहायता से जुड़े समूहों को प्रमाणपत्र प्रदान किया।
जीआईसी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसानों ने अमृत फल आंवला की खेती से आरोग्यता को बढ़ावा देकर देश दुनिया में जनपद को पहचान दिलाई है। वहीं सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने रसमलाई की मिठास को घर-घर तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।
उन्होंने मंच से ही विधायक से कहा कि वो क्षेत्रीय जनता को भी रसमलाई की दावत दें। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि प्रतापगढ़ में कनेक्टिविटी की समस्या है, उस जिले के 40 किमी. भू-भाग को शामिल करते हुए देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज के बीच बन रहा है। अयोध्या से प्रयागराज के बीच छह लेन हाईवे मार्ग के साथ बाईपास विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।सोनेलाल पटेल के नाम पर स्थापित मेडिकल कॉलेज भी जनपद की पहचान बना हुआ है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ पात्रों को दिया जा रहा है।इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने 310 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 70 कार्यों का शिलान्यास बटन दबाकर किया। वहीं 260 करोड़ की लागत से तैयार 116 कार्यों का लोकार्पण किया।
