प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट देश की अद्भुत क्षमताओं को दुनिया के सामने लाने का एक मजबूत मंच बनी। कई देशों के नेताओं, उद्योग जगत की हस्तियों, नवोन्मेषकों और स्टार्टअप सेक्टर से जुड़े लोगों की मौजूदगी में यह आयोजन दुनिया को आने वाले समय में एआई के इस्तेमाल की दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह वैश्विक नेताओं को दिखाई गई तमाम चीजों में से दो का विशेष तौर पर उल्लेख करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर था। इसमें बताया गया कि कैसे एआई जानवरों का इलाज करने में हमारी मदद कर रहा है। दूसरा हमारी संस्कृति से जुड़ा था। दुनियाभर के नेता यह देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे एआई हमारे प्राचीन ग्रंथों को, हमारे प्राचीन ज्ञान को, हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहा हैं, और नई पीढ़ी के अनुरूप ढाल रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह दर्शाने के लिए सुश्रुत संहिता का चयन किया गया। पहले तकनीक की मदद से हमने पांडुलिपियों के चित्रों को पढ़ने के लिए टेक्स्ट में बदला। फिर इस टेक्स्ट को एआई अवतार ने पढ़कर सुनाया। हमने ये भी दिखाया कि इस अनमोल भारतीय ज्ञान का भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समिट को लेकर युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजन की सफलता के लिए उन्होंने देशवासियों को बधाई भी दी।
डिजिटल अरेस्ट और डिजिटल फ्रॉड पर समाज में जागरूकता आई है। लेकिन अब भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसलिए आपका सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है। सशक्त नागरिकों से ही मजबूत और आत्मनिर्भर भारत बनेगा। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
