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शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, अदालत पहुंचने पर दर्ज हुई एफआईआर

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती व उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत दो-तीन अज्ञात के खिलाफ झूसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत कुल सात, धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर दो नाबालिग बालकों के कथित यौन शोषण का आरोप है। शनिवार को इलाहाबाद जिला अदालत ने निष्पक्ष जांच के लिए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

शिकायतकर्ता एक धर्मगुरु ने एफआईआर में बताया कि माघ मेले में उनके शिविर में दो नाबालिग बालक आए। दोनों ने उनका शिष्य बनने की इच्छा जाहिर की और अपने आप को असुरक्षित बताते हुए पुलिस संरक्षण व न्यायिक सुहायता प्रदान कराने का अनुरोध किया।

बालकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों ने उन्हें अपने साथ रखा और कई बार यौन शोषण किया। यह एक साल तक चलता रहा। बालकों ने आरोप लगाया कि महाकुंभ-2025 के दौरान मेला क्षेत्र व माघ मेला-2026 में उनका यौन शोषण किया गया।

आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य यह कहकर दबाव बनाते थे कि यह गुरु सेवा है, इससे आशीर्वाद मिलेगा। इसके बाद एक-एक कर दोनों बालकों को साथ सुलाया जाता था। बालकों ने यह भी आरोप लगाया कि यौन शोषण के साथ दबाव बनाकर उनसे अन्य कार्य भी करवाए जाते, थे। दोनों बालक मौका पाकर उनके शिविर में पहुंचे।

कई बार पुलिस से की गई थी शिकायत : एफआईआर में बताया गया कि 24 जनवरी को झुंसी थाने में शिकायत दी गई। 25 जनवरी को पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक माघ मेला को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी गई। 27 जनवरी को डाक से पुलिस अधीक्षक माघ मेला को शिकायत भेजी गई, लेकिन इसके बाद धमकियां मिलने लगीं। इससे परेशान होकर उन्होंने आठ फरवरी को न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत के आदेश के बाद झुंसी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।

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