नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन संमीक्षा (एसआईआर) को लेकर लगातार चौथे दिन भी विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई। एसआईआर पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 12 मिनट ही चल सकी !
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले 2 बजे और फिर शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष ने राज्यसभा में भी हंगामा किया। एक बार के स्थगन के बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर अध्यक्ष के आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे।
स्पीकर ओम बिरला ने नारेबाजी कर रहे विपक्षी सांसदों को शांत रहने और अपने सीटों पर बैठने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार विपक्षी सदस्यों को मुद्दे उठाने का मौका मिलेगा। स्पीकर ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का नाम लेते हुए कहा कि सदन में नारेबाजी करना उनकी पार्टी की संस्कृति नहीं है। आपको लोगों ने चुनकर भेजा है। अपनी आकांक्षाएं साझा करने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन तख्तियां लेकर आने व नारेबाजी से सदन नहीं चलेगा।हंगामा जारी रहने पर बिरला ने 7 मिनट से भी कम समय में कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 2 बजे जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो सदन का संचालन कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने सदस्यों से गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें प्रदान करने वाले विधेयक पर चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। विरोध प्रदर्शन जारी रहने पर सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए टाल दी गई।
