मॉस्को। रूस के सुदूर पूर्व में एक यात्री विमान हादसे का शिकार हो गया। विमान अचानक रडार से ओझल हो गया और एक घंटे की मशक्कत के बाद उसका मलबा मिला। विमान में सवार सभी 48 लोगों की मौत हो गई है। रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने पुष्टि कर दी है कि विमान का जलता हुआ मलबा मिला है और अब ब्लैक बॉक्स का पता लगांने का प्रयास किया जा रहा है।
क्षेत्रीय गवर्नर वासिली ओरलोव ने बताया कि एएन-24 यात्री विमान में पांच बच्चों समेत 43 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इनके जीवित बचे होने का कोई संकेत नहीं मिला है। घटनास्थल पर शवों के चिथड़े दिखे लेकिन शवों की पहचान नहीं हो सकी। अब डीएनए परीक्षण से उनकी पहचान की जाएगी। एंतोनोव एएन-24 टर्बोप्रॉप विमान रूस-चीन सीमा पर स्थित ब्लागोवेशचेंस्क शहर से टिंडा शहर जा रहा था। साइबेरिया की अंगारा एयरलाइंस द्वारा संचालित यह विमान टिंडा हवाई अड्डे से कई मील दूर रडार से गायब हो गया और हवाई यातायात नियंत्रकों से इसका संपर्क टूट गया था। बताया जा रहा है कि यह पूर्वी साइबेरिया के टिंडा हवाई अड्डे पर उतरने का दूसरा प्रयास करते समय एक जंगल से ढकी पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा। चीनी सीमा के निकट अमूर क्षेत्र के गवर्नर ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया कि विमान में यात्रियों की पहचान नहीं हो पा रही है। उनका सारा सामान भी जल चुका है। रूसी समाचार एजेंसी तास ने क्षेत्रीय नागरिक सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा केंद्र के हवाले से बताया, मौके पर हवाई निरीक्षण में कोई भी जीवित व्यक्ति नहीं मिला है। रूसी समाचार एजेंसी (तास) ने बताया कि उड़ान के कुछ समय बाद ही विमान रडार से लापता हो गया थ। क्षेत्रीय प्रशासन ने बताया कि कुछ घंटों की तलाश के बाद अमूर क्षेत्र के घने जंगलों में एक पहाड़ी पर विमान का जलता हुआ मलबा मिला।जांच के आदेश दिए गए
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विमान हादसे के पीछे. तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। रूस की विमानन एजेंसी और अन्य जांच एजेंसियां इस हादसे की विस्तृत जांच करेंगी। दुर्घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स बरामद करने का प्रयास भी जारी है। फिलहाल जांच के आदेश दे दिए गए हैं
