प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा से बुधवार क्रोएशिया पहुंच गए हैं. तीन देशों की यात्रा में ये पीएम का अंतिम पड़ाव है. राजधानी जगरेब में भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी के स्वागत में मंत्र पढ़े और भारतीय नृत्य किया. भारत के किसी भी प्रधानमंत्री का यह पहला क्रोएशिया दौरा होगा. पीएम मोदी के क्रोएशिया दौरे से दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे साथ ही और काराबोरी रिश्तों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है. क्रोएशिया गैस और IT हब से जाना जाता है. यहां की आबादी सिर्फ 40 लाख है .
क्रोएशिया पारंपरिक रूप से भारत के लिए एनर्जी और आईटी सेक्टर में साझेदार नहीं रहा है.भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए नेचुरल गैस पर निर्भरता बढ़ा रहा है और क्रोएशिया उसमें बड़ा मददगार साबित हो सकता है. क्रोएशिया के साथ गैस व्यापार समझौते भारत मध्य और पूर्वी यूरोप में ऊर्जा बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकता. भारत की कंपनियां, जैसे गेल वैश्विक स्तर पर LNG आपूर्ति के लिए नई डेस्टिनेशन की तलाश कर रही हैं.इसके अलावा भारत ग्लोबल आईटी इंडस्ट्री का पावरहाउस बन गया है और उसके लिए क्रोएशिया जैसे देशों की साझेदारी बहुत अहम हो सकती है, जहां हाल के दिनों में कई स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां उभर रही हैं. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी और एआई जैसे क्षेत्रों में क्रोएशिया की कंपनियों से समझौता.
