प्रयागराज/करछना। भीम आर्मी चीफ को रोके जाने के बाद करछना में हुए बवाल के दौरान भड़ेवरा बाजार दो घंटे तक उपद्रव की आग में जलता रहा। 3:30 बजे के करीब पथराव-तोड़फोड़ करते हुए भीड़ आगे बढ़ी तो बाजार में भगदड़ मच गई। भीड़ का उग्र रूप देख पहले डायल 112 और फिर भुंडा चौकी व करछना थाने के पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसके बाद भीड़ ने जमकर तांडव किया। कई थानों की फोर्स व पीएसी लेकर पहुंचे एडिशनल सीपी अपराध डॉ. अजयपाल शर्मा ने करीब 5:30 बजे भीड़ को मशक्कत के बाद काबू किया।
भड़ेवरा बाजार के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह से ही इसौटा जाने वाले करछना-कोहड़ार मार्ग पर हलचल थी। दोपहर दो बजे तक दो से ढाई हजार युवक बाजार से सटे हनुमानपुर मोरी चौराहे पर जुट चुके थे। 2:30 बजे के करीब अचानक उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। 15 मिनट बाद वहां से भड़ेवरा चौराहे पर आकर जाम लगा दिया। भुंडा चौकी प्रभारी कैलाश कुमार और चार-पांच सिपाहियों ने हटाना चाहा तो भीड़ बेकाबू हो गई। आक्रोश देखकर पुलिसकर्मी भाग निकले और फिर थाने में सूचना दी गई। उधर, भीड़ नारेबाजी करती रही।
करीब 3:30 बजे करछना के साथ नैनी और औद्योगिक क्षेत्र थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। डायल 112 की गाड़ी भी बुला ली गई। पुलिस आगे बढ़ी तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। यह देख पुलिसकर्मी पीछे हटे। तभी भीड़ में शामिल युवकों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पहले तोड़फोड़ करते हुए डायल 112 की गाड़ी पलट दी। इसके बाद नैनी व औद्योगिक क्षेत्र थाने की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई। –
यही नहीं जाम में फंसी प्राइवेट बस और अन्य वाहनों पर भी पथराव किया गया। भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने बाजार की दुकानों में भी तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे खरीदारी के लिए आए ग्राहकों में भगदड़ मच गई। करीब दो घंटे तक भीड़ का उपद्रव चलता रहा। इसके बाद डीसीपी यमुनानगर पहुंचे। मौके पर जोनके कई थानों की फोर्स के साथ तीन कंपनी पीएसी बुलवाई गई। शाम 5:00 बजे के करीब एडिशनल पुलिस कमिश्नर अपराध पहुंचे और फिर फोर्स ने उपद्रव कर रही भीड़ को खदेड़ा। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आ सकी।
बड़ी संख्या में बाहरी युवक थे शामिल स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ में बड़ी संख्या में बाहरी युवक शामिल थे। वह बाइकों पर सवार होकर पहुंचे थे। यही वजह थी कि उन्होंने स्थानीय बाजार की दुकानों में भी तोड़फोड़ की। साथ ही राहगीरों से भी अभद्रता की। चर्चा इस बात की भी रही कि भीड़ में शामिल बाहरी युवकों में से ज्यादातर बारा, कौंधियारा, कोरांव समेत आसपास के अन्य इलाकों से थे। यहां तक कि गंगापार के भी कुछ इलाकों से युवक आए थे।
