रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत सात लोगो की मौत हो गई। सभी शव बुरी तरह से जल गए। हेलिकॉप्टर भी पूरी तरह जलकर राख हो गया। रविवार सुबह हुए हादसे की वजह खराब दृश्यता बताई जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेलिकॉप्टर ऑपरेटर आर्यन हेली एविएशन की सेवा निलंबित कर दी है। आर्यन व और उसके दो मैनेजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लिए2025 के क्लासरूम टॉप किया। और टॉप-न से रहे।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए केदारनाथ क्षेत्र में 15 व 16 जून को सभी हेलिकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने साइप्रस से धामी को फोन कर हादसे की जानकारी ली है। इस साल 30 अप्रैल को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से चारधाम मार्ग पर यह 5वां हेलिकॉप्टर हादसा है।
बेल 407 हेलिकॉप्टर केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए सुबह 5:19 बजे उड़ा था। हेलिकॉप्टर सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि कोहरे से दृश्यता शून्य होने के कारण हेलिकॉप्टर सुबह 5:25 बजे गौरी माई खर्क में पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एनडीआरएफ,
एसडीआरएफ व पुलिस टीमों ने शवों को गौरीकुंड पहुंचाया, जहां से रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल भेजा गया।जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसे में पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर सिंह चौहान समेत सभी यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान महाराष्ट्र निवासी राजकुमार सुरेश जायसवाल (41), पत्नी श्रद्धा (35) और उनकी बेटी काशी (2) रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ निवार्सी विक्रम् सिंह रावत (46) और यूपी के बिजनौर निवासी विनोद देवी (66) और तुष्टि सिंह (19) के रूप में हुई है।
