प्रयागराज। कछारी इलाकों में रहने वालों को एक बार फिर बाढ़ की चिंता सताने लगी है। गंगा और यमुना के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी शुरू हो गई है। आगे भी आसार अच्छे नहीं दिख रहे हैं। ज्यादातर सहायक नदियां भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा पहाड़ों और मध्य प्रदेश में तेज बारिश जारी है। इसकी वजह से आने वाले दो-तीन दिनों तक गंगा और यमुना के जलस्तर में तेज वृद्धि के आसार हैं।बृहस्पतिवार को गंगा और यमुना का जलस्तर 12 घंटे से अधिक समय तक स्थिर रहा लेकिन रात में इसमें बढ़ोतरी शुरू हो गई। यमुना में प्रतिघंटे चार सेमी से भी अधिक की रफ्तार से पानी बढ़ने लगा। इसका नतीजा रहा कि शुक्रवार सुबह आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 81.17 मीटर पहुंच गया।वहीं शाम चार बजे यमुनापार का जलस्तर 81.45 मीटर पहुंच गया। सिंचाई विभाग की शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना का जलस्तर तीन सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था।यही स्थिति गंगा की रही। बृहस्पतिवार देर रात गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी शुरू हो गई।इसका नतीजा रहा कि सुबह गंगा का जलस्तर 81.52 मीटर दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग की शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.63 मीटर पहुंच गया था। इसके अलावा वृद्धि की दर दो से तीन सेमी प्रतिघंटे रही।बाढ़ कार्य खंड अधिशासी अभियंता कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार रामगंगा नदी डबरी में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। मुश्किल यह कि इसमें आगे भी तेज वृद्धि की चेतावनी जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार कानपुर बैराज पर जलस्तर रिकॉर्ड 114.060 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान के ऊपर है। ऐसे में प्रयागराज में भी गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि के आसार हैं।इसी तरह से इटावा, औरैया, हमीरपुर, बांदा में यमुना नदी उफान पर है और जलस्तर में तेज वृद्धि जारी है। सहायक नदियां बेतवा,केन, चंबल के जलस्तर में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में यमुना के जलस्तर में भी तेज वृद्धि की चेतावनी जारी की गई है। टोंस नदी भी उफान पर है। इसकी वजह से संगम के बाद पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा है। इससे मुसीबत और बढ़ती दिख रही है।इस खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी करने के साथ सभी तैयारियां किए जाने के दावे किए गए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह की ओर से सभी संबंधित विभागों और अफसरों को पत्र जारी कर तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
