केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के तहत घरों की गिनती के दौरान पूछे जाने वाले 33 सवालों को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत घरों के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री से लेकर इंटरनेट इस्तेमाल तक से जुड़े सवाल शामिल किए गए हैं। इन सवालों के जरिये सरकार को देश में नागरिकों के जीवनस्तर का पूरा आकलन करने में मदद मिलेगी।
देश के महारजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, एक अप्रैल से शुरू होने वाली घरों की गणना में ये 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके तहत गणनाकर्मी लोगों से पूछेंगे कि घर के निर्माण में किन सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसके तहत छत, दीवार और फर्श बनाने में इस्तेमाल सामग्री का पता लगाया जाएगा। इससे यह पता लगेगा कि देश में कितने फीसदी लोग कच्चे या पक्के घरों में रहते हैं। घर की स्थिति रहने लायक है या जर्जर यह भी पूछा जाएगा। इसी तरह घर में इंटरनेट कनेक्शन, रसोई सिलिंडर, लकड़ी, कोयला या अन्य ईंधन के इस्तेमाल की स्थिति से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं। घर खुद रहने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है या कारोबार अथवा अन्य किसी कार्य के लिए, यह सवाल भी पूछा जाएगा।
34 लाख गणनाकर्मी लगेंगे… घर घर गणना करने के लिए 34 लाख सर्वे करने वाले और सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। इसके अलावा एक लाख 30 हजार जनगणना पदाधिकारी तैनात किए जाएंगे। जनगणना में जाति भी पूछी जाएगी और यह पूरी तरह से डिजिटल की जाएगी। इसके लिए मोबाइल की एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए यह डिजिटल माध्यम से की जाएगी ।
