कोलकाता। विधि छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार रविवार को साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज पहुंचीं। अर्चना ने दावा किया कि पुलिस उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दे सकी कि पीड़िता इस समय कहां है। उन्होंने कहा, आयोग उसके साथ खड़ा है।
अर्चना ने कहा कि आयोग का काम पीड़िता की तब तक सहायता करना है, जब तक वह चाहती है। ऐसे मामलों में आयोग पीड़िता के साथ-साथ उसके माता-पिता से भीबात करता है और यह जानने की कोशिश करता है कि उन्हें क्या चाहिए, जिसमें सुरक्षा, उसकी (पीड़िता की) शिक्षा को आगे बढ़ाने में सहायता आदि शामिल है। यह (आयोग द्वारा) जांच का एक हिस्सा है। कॉलेज पहुंचीं अर्चना की वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ बहस भी हुई। अर्चना ने कहा, पुलिस न तो हमें पीड़ितों से मिलने दे रहे हैं, न ही अपराध स्थल देखने दे रहे हैं, न ही उन्होंने हमें कोई तस्वीर लेने दी। पुलिस नहीं चाहती कि हम पीड़ित के परिवार से मिलें।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुलिस को पीड़िता के ठिकाने के बारे में पता नहीं था।
