प्रयागराज अंकित ने साइबर सुरक्षा की दुनिया में हासिल किया नया मुकाम अंकित का सपना वैसे तो इंजीनियरिंग में अपना भविष्य बनाने का था लेकिन साइबर की दुनिया के प्रति उनके रुझान ने उनको साइबर सुरक्षा देने में माहिर बना दिया। आज अंकित का नाम बड़े हैकर में शुमार हो रहा है।
जिस काम को उन्होंने शौक़ के तौर पर शुरू किया था। आज उसकी बदौलत वह हर महीने 4 से ₹5 लाख कमाते हैं और कई नामी कंपनियों की सुरक्षा खामियों को बता कर कई पुरस्कार भी जीत चुके हैं ।अंकित की अगस्त 2021 में बग क्राउड प्लेटफार्म पर वैश्विक रैंक 89 है। शहर के धूमनगंज इलाके में रहने वाले अंकित के पिता राम बहादुर सिंह एयर फोर्स से रिटायर्ड है और अंकित की इंटर तक की पढ़ाई अमृतसर के केंद्रीय विद्यालय से हुई है। पिता के रिटायरमेंट के बाद वह अपने परिवार के साथ प्रयागराज आ गए और कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के लिए एडमिशन ले लिया। अंकित का कहना है कि 1 दिन इंटरनेट पर उन्हें पाकिस्तानी एथिकल हैकर रफे बलौच की एक पुस्तक मिली। उसे पढ़कर उनका रुझान इस तरफ हुआ और वह इंटरनेट पर इसके बारे में और भी जानकारी हासिल करने लगे। अपनी बीटेक की पढ़ाई के दौरान 2012 में अंकित को एक भारत के एथिकल हैकर की पुस्तक मिली।
अपनी पढ़ाई के साथ साथ अंकित अपना ज्यादातर समय एथिकल हैकिंग के बारे में इंटरनेट से जानकारी हासिल करने लगे। 2017 में अंकित के हाथ में एक बड़ी कामयाबी लगी ।जब उन्हें माइक्रोसॉफ्ट ने एक बग निकालने पर 7k अमेरिकी डॉलर से पुरस्कृत किया। इसके बाद तो कई बड़ी कंपनियां जैसे एप्पल, याहू, टि्वटर, अमेज़न, आईबीएम समेत कई नामचीन कंपनियों ने अपनी सुरक्षा खामियों को निकालने के लिए अंकित से संपर्क किया। अब तक अंकित लगभग 600 खामियां (बग) खोज चुके हैं।
Samiksha
