प्रयागराज बहादुरगंज जीटी रोड के साबुन गढ़ मस्जिद में मौलाना अनस ने 15 दिन में कुरान मुकम्मल किया तरावीह की नमाज रमजान में हर रात ईशा की नमाज के बाद पढ़ी जाती है। यह एक विशेष नमाज है जिसमें कुरान का पाठ किया जाता है।
15 दिनों में कुरान मुकम्मल करना एक बहुत ही कठिन काम है।
तरावीह की नमाज रमजान के महीने में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नमाज मुसलमानों को अल्लाह के करीब लाने और गुनाहों को माफ कराने का एक जरिया है।
तरावीह की नमाज में आमतौर पर 20 रकअत होती हैं।
हर 2 रकअत के बाद सलाम फेरा जाता है।
हर 4 रकअत के बाद दुआ पढ़ी जाती है।
इस नमाज में कुरान का पाठ किया जाता है।
मुसलमानों के लिए खुशी का मौका होता है,
