प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 05.11.2020
संरक्षा और दक्षता पर बल -उत्तर मध्य रेलवे ने अक्टूबर 2020 में कई संरक्षा और गतिशीलता सुधार कार्यों को पूरा किया
ट्रेन परिचालन में संरक्षा और गतिशीलता बढ़ाना उत्तर मध्य रेलवे पर एक निरंतर प्रयास है। 130 किमी प्रति घंटे के मुख्य मार्गों वाले उच्चतम नेटवर्क और उच्च घनत्व वाले पासिंग यातायात के दृष्टिगत उत्तर मध्य रेलवे के तीन मण्डलों पर संरक्षा और गतिशीलता बनाये रखना सर्वोपरि है। सड़क उपयोगकर्ताओं की संरक्षा बढ़ाने के लिए अक्टूबर 2020 में 09 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंगों को बंद करने के साथ ही चालू वित्त वर्ष में अब तक 27 लेवल क्रॉसिंगों को बंद किया जा चुका है। कानपुर-टूंडला खंड के लेवल क्रासिंग स. 44 पर रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की कमिशनिंग का कार्य अक्टूबर – 2020 में पूरा होने के साथ ही चालू वित्त वर्ष में अब तक, 05 आरयूबी कमीशन किए जा चुके हैं। अक्टूबर 2020 में, प्रयागराज मण्डल के टूंडला-गाज़ियाबाद खंड में आरओबी स. 147 पर 72 मीटर स्पैन के बो स्ट्रिंग गर्डर को लॉन्च करने का एक प्रमुख कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
उत्तर मध्य रेलवे में ट्रैक संरक्षा को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, अक्टूबर -2020 में 48 किलोमीटर ट्रैक के नवीनीकरण के साथ वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 241 ट्रैक के नवीनीकरण (प्राथमिक) का कार्य पूरा किया गया। रेलों और वेल्डिंग वाले जोड़ों में किसी भी आंतरिक कमी का पता लगाने के लिए अक्टूबर 2020 में 3129 किलोमीटर ट्रैक की अल्ट्रासोनिक जांच की गई। ट्रैक से सतह के दोषों को दूर करने के लिए, अत्याधुनिक तकनीक वाले रेल ग्राइंडिंग मशीन (आरजीएम) का उपयोग करते हुए रेल ग्राइंडिंग के 11 वें राउंड को अक्टूबर में पूरा किया गया। 48 दिनों में 1554 किलोमीटर ट्रैक की ग्राइंडिंग की गई जो कि 32 किलोमीटर के दैनिक औसत के साथ उत्तर मध्य रेलवे में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। प्वाइंट और क्रॉसिंग ज़ोन पर ट्रेनों की संरक्षा और गति बढ़ाने के लिए, अक्टूबर 2020 में 07 थिक वेब स्विच लगाये गये और वर्तमान वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक 22 थिक वेब स्विच लगाये जा चुके हैं। यात्रियों की संरक्षा को बढ़ाने के लिए अक्टूबर 2020 में गढ़मऊ और परिछा में 02 फुट ओवर ब्रिज (FOB) चालू किए जाने के साथ वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 06 नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण किया जा चुका है।
झांसी मण्डल के खजरहा स्टेशन पर 62 रूटों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) की स्थापना का कार्य अक्टूबर 2020 में पूरा कर लिया गया। यह कार्य झांसी- बीना तीसरी लाइन के महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद करेगा। अक्टूबर 2020 में प्रयागराज मण्डल के कानपुर लोको केबिन पर पुराने इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिग्नलिंग के स्थान पर 120 रूटों वाले नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना और शिकोहाबाद -फर्रुखाबाद खंड के मोटा स्टेशन के 20 रूटों वाले इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना की गयी।
रोलिंग स्टॉक रखरखाव के क्षेत्र में, 43 कोचों के मध्यवर्ती ओवरहालिंग (IOH), 17 एलएचबी कोचों की शाप शेड्यूल (SS-I), 29 कोचों की आवधिक ओवरहॉलिंग (POH), 294 वैगनों की नियमित ओवरहालिंग (ROH) और 707 वैगनों का आवधिक ओवरहॉलिंग (POH) अक्टूबर में किया गया जो संरक्षित और सुगम ट्रेन संचालन को सुनिश्चित करेगा।
कोहरे और ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुये आगरा, झांसी और प्रयागराज मण्डल के विभिन्न स्टेशनों, क्रू लॉबी, यार्डों में सिग्नल पासिंग एट डैंजर (SPAD) की रोकथाम; कोहरे के मौसम में संरक्षित ट्रेन संचालन; शंटिंग ऑपरेशन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां; कार्यस्थलों पर कर्मियों के लिए सावधानियां और ठंड के मौसम में गश्त लगाने में सावधानियां और हाट एक्सल के मामले में की जाने वाली कार्यवाईयों आदि पर संरक्षा सेमिनार आयोजित किए गए। इन संरक्षा सेमिनारों में फ्रंट लाइन के कर्मचारियों के साथ सीधे संवाद पर बल था ताकि उन्हें संरक्षित और कुशल ट्रेन संचालन और रखरखाव गतिविधियों के लिए नवीनतम और अप टू डेट संरक्षा संबंधी निर्देशों से युक्त किया जा सके।
नीतेश सोनी
