नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के पीएम लरिंस वोंग ने भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप पेश किया। जिसमें मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम, सेमीकंडक्टर और अन्य डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।पीएम मोदी और वोंग ने बृहस्पतिवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्किटेक्चर, हरित शिपिंग, कौशल विकास, शहरी जल प्रबंधन में सहयोग के लिए भी समझौतों पर हस्ताक्षर किए। व्यापार को गति देने के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) और आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा करने का भी फैसला लिया गया। दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के तहत चेन्नई में सिंगापुर एक राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा। इसके अलावा यूपीआई और पेनाऊ कनेक्टिविटी का दायरा भी बढ़ा है। इसमें अब 13 भारतीय बैंक जुड़ गए हैं।बीएमसीटी के दूसरे चरण का किया ऑनलाइन उद्घाटन: पीएम मोदी ने बॉग के साथ जेएन पोर्ट पीएसए टर्मिनल (बीएमसीटी) के दूसरे चरण का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इससे टर्मिनल की कुल कंटेनर संभालने की क्षमता 48 लाख टीईयू हो जाएगी। देश का प्रमुख कंटेनर बंदरगाह वैश्विक बाजार के अग्रणी कंपनियों की ओर से संचालित पांच प्रमुख समर्पित कंटेनर टर्मिनल को संभालता है। इनकी गहराई 15+ मीटर है तथा 18,000 टीईयू पोत को संभालने की क्षमता है। जेएनपीए भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर 54 प्रतिशत कंटेनरयुक्त माल का संचालन करता है।पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हम दोनों देशों की चिंताएं एक समान हैं। हम मानते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ एक साथ लड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता से लड़ना सभी मानवतावादी देशों का कर्तव्य है।पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोगों के प्रति संवेदना और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का समर्थन करने के लिए मैं सिंगापुर के प्रधानमंत्री और सिंगापुर सरकार का आभार प्रकट करता हूं। मोदी ने कहा कि भारत-सिंगापुर के संबंध कूटनीति से कहीं आगे हैं। दोनों देशों के बीच साझेदारी उद्देश्यपूर्ण साझा मूल्यों पर आधारित है और यह आपसी हितों तथा शांति, प्रगति एवं समृद्धि के लिए साझा दृष्टिकोण से प्रेरित है। सिंगापुर के पीएम लॉरेंस वोंग के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम इस साल अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। सिंगापुर दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक सहयोगी है। सिंगापुर से भारत में व्यापक स्तर पर निवेश हुआ है। पिछले साल सिंगापुर यात्रा के दौरान मैंने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक भागीदारी का दर्जा दिया था तथा इस वर्ष संवाद और सहयोग में गति तथा गहराई आई है।पीएम ने कहा कि हमारे रक्षा संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध गहरे और जीवंत हैं। हमने अपनी साझेदारी के भविष्य के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। हमारा सहयोग केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। बदलते समय के अनुरूप उन्नत विनिर्माण, हरित शिपिंग, कौशल विकास, नागरिक परमाणु जैसे क्षेत्र भी हमारे सहयोग के केंद्र बिंदु बनेगे।
