बर्मिंघम । तीन वर्ष पूर्व यह एजबेस्टन का ही मैदान था, जब भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 378 रन की चुनौती दी थी। भारत सीरीज में 2-1 से आगे था और मेजबानों के सामने ऐसा लक्ष्य रखा गया जो उसने कभी हासिल नहीं किया था। भारत जीत का दावेदार था, लेकिन इंग्लैंड ने जो रूट और जॉनी बेयरस्टो के शतक की बदौलत जीत हासिल कर ली। पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-1 से पिछड़ी भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में एक बार फिर इसी मैदान पर बुधवार से इंग्लैंड के सामने होगी। यह ऐसा नहीं आता है।
मैदान है जो भारतीय टीम को रास भारत ने अब तक यहां एक भी टेस्ट नहीं जीता है और उसे सात में हार मिली है। ऐसे में शुभमन गिल की टीम के सामने दूसरे टेस्ट में कई मिथक तोड़ने की चुनौती है। दूसरे टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर भी भारतीय टीम में चयन को लेकर उधेड़बुन बरकरार है। एजबेस्टन में बल्लेबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भारतीय टीम के सामने 20 विकेट उखाड़ने की चुनौती रहेगी। भारतीय टीम यहां दो स्पिनरों के साथ उतरने जा रही है, लेकिन ये दो स्पिनर कौन से होंगे, यह अब तक तय नहीं है। पेसर बुमराह के खेलने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। लीड्स में भारत को कुलदीप की कमी खली थी। इंग्लैंड ने 371 के लक्ष्य को 5 विकेट खोकर हासिल किया था।
