यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार को कंबल में लिपटा मिला शव महोबा की सोनाली का निकला। उसके प्रेमी सनी ने ही पीछा छुड़ाने के लिए हत्या के बाद शव फेंका था। पुलिस के अनुसार ऐसा पहली बार है जब हत्या की गुत्थी सुलझाने में एआई मददगार बना। चोट लगने से मृतका का चेहरा विकृत हो गया था। एआई से पुलिस ने तस्वीर बनाई और सोशल मीडिया की मदद से सोनाली की शिनाख्त हुई। रविवार को पुलिस ने कानपुर निवासी आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।
यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली टोल प्लाजा से दो किमी. आगे सौरई गांव के पास शुक्रवार को राहगीरों ने पुलिस को कंबल में लिपटा शव मिलने की सूचना दी थी। मृतका के चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान थे। चेहरा विकृत होने से शिनाख्त नहीं हो पा रही थी।
इसके बाद डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार ने मृतका की एआई से तस्वीर बनाई। उस फोटो को सोशल मीडिया और पुलिस ग्रुपों में पोस्ट किया। सोशल मीडिया खातों की प्रोफाइल से पहचान कराने पर मृतका की तस्वीर सोनाली नाम की महिला से मैच हुई। सोनाली के सोशल मीडिया खाते भी दो दिन से एक्टिव नहीं थे।
जानकारी पर पता चला कि महिला विजयनगर महोबा की रहने वाली थी। शादी के बाद वह पति को छोड़ महोबा निवासी सनी (मूले निवासी कानपुर) के साथ चली गई थी। सनी उसके साथ दिल्ली में किराये के घर में रह रहा था। पुलिस टीम दिल्ली पहुंची तो घर बंद मिला। पड़ोसियों ने मृतका के सोनाली होने की पुष्टि की। पड़ोसियों ने नोएडा निवासी सनी के भाई की जानकारी दी और पता भी बताया। कहा कि परिवार मूलतः कानपुर का रहने वाला है। बाद पुलिस ने सनी को पकड़ लिया।
टीम उसे गिरफ्तार कर आगरा ला रही है। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार ने बताया महिला की शिनाख्त हो गई है। आरोपी से पूछताछ के बाद हत्या के कारणों का पता चल सकेगा।
शुरुआत जांच में पता चला है कि सनी अपराधी किस्म का है। सनी ने बताया कि वह सोनाली से पीछा छुड़ाना चाहता था। हत्या उसने अकेले की है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के गले यह कहानी नहीं उतर रही है। आरोपी के खंदौली थाना पहुंचने पर हत्या की असली वजह और स्थान की जानकारी हो सकेगी। उसका मददगार कौन है, इन सवालों के जवाब भी बाकी हैं।
