चेन्नई को अंतिम पांच ओवर में 56 रन की दरकार थी। यहां शिवम दुबे का साथ देने आए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने क्रीज पर उतरते ही अपने चिरपरिचत अंदाज में खेलना शुरू किया और देखते ही देखते चेन्नई के सामने मुश्किल दिख रही जीत आसान हो गई। सुपरजायंट्स के 167 रन के लक्ष्य को सुपरकिंग्स ने 19.3 ओवर में पांच विकेट खोकर प्राप्त किया और तीन गेंद शेष रहते पाच विकेट से जीत हासिल कर ली।
43 साल के धोनी ने महज 11 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाकर एक बार फिर माबित किया कि उन्हें मैच फिनिशर क्यों कहा जाता है। दूसरे छोर पर शिवम दुबे ने भी लय पाते हुए 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 43 रन बनाए। दोनों ने 28 गेंद में 57 रन की अटूट साझेदारी की।
लखनऊ सुपरजायंट्स के लिए कप्तान पंत ने 63 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर फॉर्म में वापसी की, लेकिन उनका योगदान टीम को जीत नहीं दिला सका। चेन्नई ने लगातार पांच हार के बाद जीत का स्वाद चखा है। यह उसकी दूसरी जीत है।
धोनी आईपीएल में 200 शिकार पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी धोनी के हिस्से में एक और उपलब्धि जुड़ गई। वह आईपीएल में विकेट के पीछे दी सी शिकार पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने बडोनी को स्टंप कर पा उपलब्धि हासिल की। उन्होंने पंत कर भी कैच लिया वह 271 मैचों में 151 कैच विकेट के पीछे और कैच बतौर क्षेत्ररक्षक ले चुके हैं और उन्होंने 46 स्टंप किए हैं।
ऋषभ की पारी काम नहीं आई आईपीएल के सबसे महत्ताड़ीषनई के खिलाफ मुश्किल वक्त पर खेलकर सिर्फ फॉर्म वापसी की, बझीक लखनऊ की सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। 27 करोड़ में लिए गए पंत ने 49 गेंदों पर भर चौक और चार छक्कों की मदद से 63 रन को पारी खेली।
* धीने विकेट पर महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर लखनऊ को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। यह फैसला उस समय सही लगा, जब लखनऊ ने महज 22 रन पर शोर्यक्रम के दो बल्लेबाज खो दिए। इनमें निकोलस पूरन (5) का विकेट भी शामिल रहा।
